प्रावि सुल्ताननगर के बच्चे एमडीएम न बनने से रहते भूखे 0सात माह से नही आया बजट बीस दिन से बंद हुआ एमडीएम
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अयोध्या। शिक्षा क्षेत्र सोहावल के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुल्तान नगर के बच्चों के लिए एमडीएम छलावा साबित हो रहा है। यहां पर करीब सात माह से कन्वर्जन कास्ट नही आया। जिसके कारण अब एमडीएम बनना बंद हो गया। सुबह से स्कूल आने वाले नौनिहालों को अब भूखे पेट ही रहना पड़ रहा है।
क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सात माह से तो प्राथमिक विद्यालय सुल्ताननगर में तीन माह तथा प्रावि साल्हेपुर निमैचा में दस महीने से कन्वर्जन कास्ट नहीं आया। तीनो विद्यालयों में 212 छात्र संख्या है। जूनियर की प्रधानाध्यापक कामिनी सिंह, प्रथमिक की दीप माला सिंह ने बताया कि अभी तक प्रधान अपने तरफ से प्रतिदिन भोजन बनवा रहे थे पर अधिकारियों से लगातार शिकायत के बाद भी अभी तक बजट नहीं आया। जिसके कारण एक जनवरी से प्रधान भी एमडीएम बनवाना बंद कर दिए। जिसके कारण बच्चों को भूखे ही रहना पड़ रहा है। वहीं प्रधान रामलगन व साल्हेपुर निमैचा के प्रधान सफीक अहमद ने बताया कि पिछले कई महीनों से बजट न आने की वजह से एमडीएम बनवाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों के आस्वाशन पर जबतक बजट काम किया बनवाता रहा पर आस्वाशन के बाद भी बजट नही मिला तो मजबूरी बस भोजन बंद करवा दिया गया। पूछे जाने पर जिला समन्वयक अधिकारी ने बताया विभागीय कार्य ज्यादा होने के चलते एमडीएम का बजट स्कूलों में उपलब्ध नहीं हो पाया लेकिन तत्काल प्रभाव से एमडीएम का बजट संबंधित स्कूलों में भेजा जा रहा है।
अयोध्या। शिक्षा क्षेत्र सोहावल के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुल्तान नगर के बच्चों के लिए एमडीएम छलावा साबित हो रहा है। यहां पर करीब सात माह से कन्वर्जन कास्ट नही आया। जिसके कारण अब एमडीएम बनना बंद हो गया। सुबह से स्कूल आने वाले नौनिहालों को अब भूखे पेट ही रहना पड़ रहा है।
क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सात माह से तो प्राथमिक विद्यालय सुल्ताननगर में तीन माह तथा प्रावि साल्हेपुर निमैचा में दस महीने से कन्वर्जन कास्ट नहीं आया। तीनो विद्यालयों में 212 छात्र संख्या है। जूनियर की प्रधानाध्यापक कामिनी सिंह, प्रथमिक की दीप माला सिंह ने बताया कि अभी तक प्रधान अपने तरफ से प्रतिदिन भोजन बनवा रहे थे पर अधिकारियों से लगातार शिकायत के बाद भी अभी तक बजट नहीं आया। जिसके कारण एक जनवरी से प्रधान भी एमडीएम बनवाना बंद कर दिए। जिसके कारण बच्चों को भूखे ही रहना पड़ रहा है। वहीं प्रधान रामलगन व साल्हेपुर निमैचा के प्रधान सफीक अहमद ने बताया कि पिछले कई महीनों से बजट न आने की वजह से एमडीएम बनवाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों के आस्वाशन पर जबतक बजट काम किया बनवाता रहा पर आस्वाशन के बाद भी बजट नही मिला तो मजबूरी बस भोजन बंद करवा दिया गया। पूछे जाने पर जिला समन्वयक अधिकारी ने बताया विभागीय कार्य ज्यादा होने के चलते एमडीएम का बजट स्कूलों में उपलब्ध नहीं हो पाया लेकिन तत्काल प्रभाव से एमडीएम का बजट संबंधित स्कूलों में भेजा जा रहा है।

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