बाराबंकी रामसनेहीघाट क्षेत्र के धारूपुर गांव में दहशत बरकरारः सेना पुलिस पीएसी ने चलाया तलाशी अभियानः कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही
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भोलानाथ मिश्र की विशेष रिपोर्ट
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रामसनेहीघाट बाराबंकी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धारूपुर में तीसरे दिन भी भय एवं दहशत बरकरार है। बुधवार से गांव में शुरू तलाशी अभियान अपर पुलिस अधीक्षक एवं उपजिलाधिकारी की देखरेख में गुरुवार को भी पीएसी एवं बीडीएस टीम की मौजूदगी में जारी रहा।सेना के बम डिस्पोजल टीम ने गाँव एवं मलवे की जाँच की। तलाशी के दौरान घरों बाग बगीचों एवं खेतों से भारी मात्रा गोला बारूद बरामद किया गया।
पिछले तीन दिनों से गाँव में व्याप्त भय एवं दहशत का माहौल अभी भी कायम है और लोग पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर अंगुली उठाते रहे।मंगलवार को तलाशी के दौरान बरामद गोला बारूद आदि को रामसनेहीघाट स्थित कल्याणी नदी में फेंक दिए गये हैं जबकि बुधवार को बरामद कुंटलों विस्फोटक सामग्री को कल्याणी नदी के जमोली घाट से नदी में फेंक दिया गया है।तलाशी के दौरान गाँव के कई घरों के साथ जगंल बाग बगीचों एवं खेत खलिहानों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुयी है जिसे तीन वाहनों में भरकर नदी में प्रवाहित किया गया है।सुबह से शुरू तलाशी अभियान शाम तक चलता रहा और गाँव वालों ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गाँव वालों ने बताया कि पुलिस अधिकारी विस्फोटक की जानकारी देने पर अभद्र व्यवहार करते हैं और ग्रामीणों से विस्फोटक सामग्री लाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।इसी बीच सेना की बम डिस्पोजल टीम ने विस्फोट से ध्वस्त घरों सहित कई घरों एवं स्थानों की जांच की गई लेकिन कहीं पर भी बम बरामद नहीं हुए। तलाशी अभियान में पुलिस के डाग टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कुत्ते ने सूंघ सूंघकर बरामदगी में सहयोग किया।गाँव में विस्फोट से घायल लोग अपने अपने घरों में दबके कराहते रहे और हजारों लोग मौके पर तमाशबीन बने रहे। गाँव वालों का कहना है कि अगर यही अभियान घटना के तत्काल बाद शुरू हो जाता तो गांव में मौजूद विस्फोटक सामग्री गायब नहीं हो पाती। गाँव वालों की मानी जाय तो चौथाई विस्फोटक सामग्री भी बरामद नहीं हो सकी है। गाँव वालों को मलवे में कुछ और शव दबे होने की आशंका है जबकि अधिकारियों ने इस आशंका को बेबुनियाद बताया है। उपजिलाधिकारी लवकुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि तलाशी अभियान समाप्त हो गया है।
गाँव में तीसरे दिन भी राजनेताओं का आना जारी रहा और पूर्व विधायक राममगन रावत ने अपने सहयोगियों के साथ गाँव का भ्रमण किया और तलाशी अभियान को देखा। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए घटना को दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे शासन प्रशासन की विफलता कहा और घटना के शिकार लोगों एवं विस्फोट से तबाह एवं क्षतिग्रस्त हुये मकानों को सहायता देने की मांग की है।उन्होंने कहा कि छोटे से गांव में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
लगातार 3 दिनों तक खोजबीन तथा जगह जगह विस्फोटक मिलने से जिला प्रशासन भी सकते में आ गया उसने गुरुवार को जिलाधिकारी से सेना के विस्फोटक दस्ते को भेजने की मांग की दोपहर करीब 2:00 बजे सेना के कैप्टन विकास मलिक के नेतृत्व में 7 सदस्य टीम धारूपुर गांव पहुंची तथा कई घरों के साथ ही जंगलों में तलाशी अभियान चलाया लेकिन उसे केवल लाइसेंसी जाहिद के घर से विस्फोटक रखने वाला एक खाली ड्रम ही बरामद हुआ देर शाम तक खोजबीन करने के बाद टीम वापस बाराबंकी चली गई।
धारूपुर गांव में पटाखे का व्यवसाय कुटीर उद्योग के रूप में पनप रहा था जिसके मंगलवार को हुए एक बार भी दिल दहला देने वाले विस्फोट के बाद दो लोगों की मौत से हो गई। धारूपुर गांव में कहने के लिए तो 3 लाइसेंसी पटाखा बनाने का व्यवसाय करते हैं लेकिन गांव के तमाम घरों में पटाखा बनाया जा रहा है। कई लोगों ने बताया कि लाइसेंसधारी लोगों को एक रुपए गोला तथा 50 पैसे महताब बनाने के बदले में उन्हें देते थे। इस व्यवसाय में गांव के नाबालिग बच्चों से लेकर महिलाएं तक जुड़ी थी और आसपास के गांवों के लोग भी काम करने आते थे। जहां कुछ लोग आतिशबाज के घर पर काम करते थे वहीं कुछ लोग कच्चा माल बारूद आतिशबाज बात से लेकर अपने घरों में पटाखा बनाकर आतिशबाज को दे देते थे।
राम सनेही घाट बाराबंकी धारूपुर गांव में तीन लाइसेंस धारकों को 15 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस देकर पुलिस और फायर विभाग के आला अधिकारी सो गए।
गांव में कुल 45 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस होने के बावजूद गांव से कई कुंटल विस्फोटक बरामद होने से पुलिस प्रशासन और फायर विभाग दोनों संदेह के घेरे में आ गए हैं।
गुरुवार को ग्रामीणों ने तलाशी के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों पर अभद्रता किए जाने का भी आरोप लगाया है ।
ग्रामीणों के मुताबिक बम निरोधक टीम द्वारा खेतों में तलाशी नहीं की गई थी जिससे ग्रामीण स्वयं खेतों में जाकर उनमें पड़ी विस्फोटक सामग्री के बारे में जब पुलिसकर्मियों को अवगत कराया तो उन्होंने उल्टे उन्हें गालियां देकर खुद उठा लाने के लिये कहा गया।
राम सनेही घाट बाराबंकी मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद आतिशबाजी के साथ ही आसपास के लोग भी पुलिस के डर से फरार हो गए।
लाइसेंसी हसीब का घर पूरी तरह जमीन दोज होने के बाद उसकी पत्नी तीनों बेटे तथा एक बेटी के साथ ही शब्बीर व जाहिद के घरों पर ताला लगा है। पुलिस ने घरों का ताला तोड़कर उसकी तलाशी ली इसी के साथ उनके पड़ोसी भी कुछ ना बताना पड़े इसलिए गायब हो गए हैं पूरे गांव में कोई इस मामले में बोलने को तैयार ही नहीं है या तो आतिशबाज का इतना भय है या फिर पुलिस का लोग या तो डर से सहमे हैं या फिर किसी अन्य दहशत में कुछ लोगों ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि नामजद अभियुक्त सब्लू ने लोगों को चेतावनी दे रखी थी कि अगर किसी ने कुछ बताया तो उसकी खैर नहीं हमारे पास इतना विस्फोटक है कि आसपास के चार पांच गांव जब चाहूं उड़ा दूंगा गांव से छह-सात छोटे वाहनों में निकला विस्फोटक का जखीरा उसकी बात को पूरी तरह सही साबित कर रहा है।
मंगलवार को धारूपुर गांव में हुए विस्फोट के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ सतीश कुमार ने रामसनेहीघाट थाने पर तैनात रहे दो पूर्व उप निरीक्षक तथा एक वर्तमान उपनिरीक्षक के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
हथौधा चौकी पर पूर्व में तैनात रहे उप निरीक्षक विजय बहादुर सिंह ने धारूपुर गांव में लाइसेंसी आतिश बाज हसीब के लाइसेंस पर जांच करके रिपोर्ट लगाई थी तथा उसके बाद हल्का इंचार्ज रहे एसआई विजय कुमार तिवारी की तैनाती वहां थी। दोनों लोगों का स्थानांतरण गैर जनपद हो चुका है पुलिस अधीक्षक ने गैर जनपद के पुलिस अधीक्षक को इन दोनों लोगों के निलंबन की संस्कृति करके रिपोर्ट भेज दी है इसी के साथ थाने पर तैनात एस आई हर शंकर साहू पुलिसकर्मी अरविंद यादव तथा आनंद कुमार को निलंबित कर दिया है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से जहां पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है।
भोलानाथ मिश्र की विशेष रिपोर्ट
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रामसनेहीघाट बाराबंकी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धारूपुर में तीसरे दिन भी भय एवं दहशत बरकरार है। बुधवार से गांव में शुरू तलाशी अभियान अपर पुलिस अधीक्षक एवं उपजिलाधिकारी की देखरेख में गुरुवार को भी पीएसी एवं बीडीएस टीम की मौजूदगी में जारी रहा।सेना के बम डिस्पोजल टीम ने गाँव एवं मलवे की जाँच की। तलाशी के दौरान घरों बाग बगीचों एवं खेतों से भारी मात्रा गोला बारूद बरामद किया गया।
पिछले तीन दिनों से गाँव में व्याप्त भय एवं दहशत का माहौल अभी भी कायम है और लोग पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर अंगुली उठाते रहे।मंगलवार को तलाशी के दौरान बरामद गोला बारूद आदि को रामसनेहीघाट स्थित कल्याणी नदी में फेंक दिए गये हैं जबकि बुधवार को बरामद कुंटलों विस्फोटक सामग्री को कल्याणी नदी के जमोली घाट से नदी में फेंक दिया गया है।तलाशी के दौरान गाँव के कई घरों के साथ जगंल बाग बगीचों एवं खेत खलिहानों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुयी है जिसे तीन वाहनों में भरकर नदी में प्रवाहित किया गया है।सुबह से शुरू तलाशी अभियान शाम तक चलता रहा और गाँव वालों ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गाँव वालों ने बताया कि पुलिस अधिकारी विस्फोटक की जानकारी देने पर अभद्र व्यवहार करते हैं और ग्रामीणों से विस्फोटक सामग्री लाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।इसी बीच सेना की बम डिस्पोजल टीम ने विस्फोट से ध्वस्त घरों सहित कई घरों एवं स्थानों की जांच की गई लेकिन कहीं पर भी बम बरामद नहीं हुए। तलाशी अभियान में पुलिस के डाग टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कुत्ते ने सूंघ सूंघकर बरामदगी में सहयोग किया।गाँव में विस्फोट से घायल लोग अपने अपने घरों में दबके कराहते रहे और हजारों लोग मौके पर तमाशबीन बने रहे। गाँव वालों का कहना है कि अगर यही अभियान घटना के तत्काल बाद शुरू हो जाता तो गांव में मौजूद विस्फोटक सामग्री गायब नहीं हो पाती। गाँव वालों की मानी जाय तो चौथाई विस्फोटक सामग्री भी बरामद नहीं हो सकी है। गाँव वालों को मलवे में कुछ और शव दबे होने की आशंका है जबकि अधिकारियों ने इस आशंका को बेबुनियाद बताया है। उपजिलाधिकारी लवकुमार सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि तलाशी अभियान समाप्त हो गया है।
गाँव में तीसरे दिन भी राजनेताओं का आना जारी रहा और पूर्व विधायक राममगन रावत ने अपने सहयोगियों के साथ गाँव का भ्रमण किया और तलाशी अभियान को देखा। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए घटना को दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे शासन प्रशासन की विफलता कहा और घटना के शिकार लोगों एवं विस्फोट से तबाह एवं क्षतिग्रस्त हुये मकानों को सहायता देने की मांग की है।उन्होंने कहा कि छोटे से गांव में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
लगातार 3 दिनों तक खोजबीन तथा जगह जगह विस्फोटक मिलने से जिला प्रशासन भी सकते में आ गया उसने गुरुवार को जिलाधिकारी से सेना के विस्फोटक दस्ते को भेजने की मांग की दोपहर करीब 2:00 बजे सेना के कैप्टन विकास मलिक के नेतृत्व में 7 सदस्य टीम धारूपुर गांव पहुंची तथा कई घरों के साथ ही जंगलों में तलाशी अभियान चलाया लेकिन उसे केवल लाइसेंसी जाहिद के घर से विस्फोटक रखने वाला एक खाली ड्रम ही बरामद हुआ देर शाम तक खोजबीन करने के बाद टीम वापस बाराबंकी चली गई।
धारूपुर गांव में पटाखे का व्यवसाय कुटीर उद्योग के रूप में पनप रहा था जिसके मंगलवार को हुए एक बार भी दिल दहला देने वाले विस्फोट के बाद दो लोगों की मौत से हो गई। धारूपुर गांव में कहने के लिए तो 3 लाइसेंसी पटाखा बनाने का व्यवसाय करते हैं लेकिन गांव के तमाम घरों में पटाखा बनाया जा रहा है। कई लोगों ने बताया कि लाइसेंसधारी लोगों को एक रुपए गोला तथा 50 पैसे महताब बनाने के बदले में उन्हें देते थे। इस व्यवसाय में गांव के नाबालिग बच्चों से लेकर महिलाएं तक जुड़ी थी और आसपास के गांवों के लोग भी काम करने आते थे। जहां कुछ लोग आतिशबाज के घर पर काम करते थे वहीं कुछ लोग कच्चा माल बारूद आतिशबाज बात से लेकर अपने घरों में पटाखा बनाकर आतिशबाज को दे देते थे।
राम सनेही घाट बाराबंकी धारूपुर गांव में तीन लाइसेंस धारकों को 15 15 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस देकर पुलिस और फायर विभाग के आला अधिकारी सो गए।
गांव में कुल 45 किलो विस्फोटक रखने का लाइसेंस होने के बावजूद गांव से कई कुंटल विस्फोटक बरामद होने से पुलिस प्रशासन और फायर विभाग दोनों संदेह के घेरे में आ गए हैं।
गुरुवार को ग्रामीणों ने तलाशी के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों पर अभद्रता किए जाने का भी आरोप लगाया है ।
ग्रामीणों के मुताबिक बम निरोधक टीम द्वारा खेतों में तलाशी नहीं की गई थी जिससे ग्रामीण स्वयं खेतों में जाकर उनमें पड़ी विस्फोटक सामग्री के बारे में जब पुलिसकर्मियों को अवगत कराया तो उन्होंने उल्टे उन्हें गालियां देकर खुद उठा लाने के लिये कहा गया।
राम सनेही घाट बाराबंकी मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद आतिशबाजी के साथ ही आसपास के लोग भी पुलिस के डर से फरार हो गए।
लाइसेंसी हसीब का घर पूरी तरह जमीन दोज होने के बाद उसकी पत्नी तीनों बेटे तथा एक बेटी के साथ ही शब्बीर व जाहिद के घरों पर ताला लगा है। पुलिस ने घरों का ताला तोड़कर उसकी तलाशी ली इसी के साथ उनके पड़ोसी भी कुछ ना बताना पड़े इसलिए गायब हो गए हैं पूरे गांव में कोई इस मामले में बोलने को तैयार ही नहीं है या तो आतिशबाज का इतना भय है या फिर पुलिस का लोग या तो डर से सहमे हैं या फिर किसी अन्य दहशत में कुछ लोगों ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि नामजद अभियुक्त सब्लू ने लोगों को चेतावनी दे रखी थी कि अगर किसी ने कुछ बताया तो उसकी खैर नहीं हमारे पास इतना विस्फोटक है कि आसपास के चार पांच गांव जब चाहूं उड़ा दूंगा गांव से छह-सात छोटे वाहनों में निकला विस्फोटक का जखीरा उसकी बात को पूरी तरह सही साबित कर रहा है।
मंगलवार को धारूपुर गांव में हुए विस्फोट के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ सतीश कुमार ने रामसनेहीघाट थाने पर तैनात रहे दो पूर्व उप निरीक्षक तथा एक वर्तमान उपनिरीक्षक के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
हथौधा चौकी पर पूर्व में तैनात रहे उप निरीक्षक विजय बहादुर सिंह ने धारूपुर गांव में लाइसेंसी आतिश बाज हसीब के लाइसेंस पर जांच करके रिपोर्ट लगाई थी तथा उसके बाद हल्का इंचार्ज रहे एसआई विजय कुमार तिवारी की तैनाती वहां थी। दोनों लोगों का स्थानांतरण गैर जनपद हो चुका है पुलिस अधीक्षक ने गैर जनपद के पुलिस अधीक्षक को इन दोनों लोगों के निलंबन की संस्कृति करके रिपोर्ट भेज दी है इसी के साथ थाने पर तैनात एस आई हर शंकर साहू पुलिसकर्मी अरविंद यादव तथा आनंद कुमार को निलंबित कर दिया है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से जहां पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है।

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