यहां सरकार की नही दबंग प्रधान की चलती है हुकूमत!
HTN Live
हरदोई का ये गांव 70 साल बाद भी नहीं हुआ आज़ाद
हरदोई-* भले ही हम हर साल आजादी का जश्न मनाते हों पर देश के कई इलाकों में आज भी लोग गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक ऐसे गांव की कहानी से आज हम आपको रूबरू कराएंगे जिसकी हकीकत जान कर आपकी रूह कांप जाएगी।
हरदोई जिला मुख्यालय से महज 05 किलोमीटर ही दूरी वाले इस गांव के हालात ऐसे होंगे इसकी कल्पना भी नही की जा सकती। पर इस हकीकत से रूबरू होना जरूरी है।
सुरसा ब्लाक के सरैयां गांव में जब हमारी टीम पहुंची तो लोगों ने अपना दर्द साझा किया।
प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता ने कुछ ग्रामीणों को इस कदर पिटवाया कि आज भी वह अपने पैरों पर खड़े नही हो सके हैं। शेरू पुत्र राजेंद्र व उसके भाई नागेंद्र के घर मे घुसकर दबंग प्रधान ने अपने साथियों की मदद से बेरहमी से पीटा, जिससे दोनों आज तक ठीक नही हो सके। वह 07 माह से बिस्तर पर हैं जबकि छोटे पुत्र बृजलाल का हाँथ टूट गया। इन ग्रामीणों का गुनाह सिर्फ इतना थ कि प्रधान को अपनी घर की महिलाओं के पास जाने से रोक रहे थे।
.
*दलित को खंभे में बांधकर सरेआम पीटा था*
.
प्रधान की दबंगई का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वह जब जिसे चाहता है बेरहमी से पीट देता है। दलित शिवकुमार व वीरेंद्र पुत्र प्रह्लाद को दबंग प्रधान ने पूरे गांव के सामने खम्भे में बांधकर बुरी तरहं से पीटा था। वीरेंद्र की गर्भवती पत्नी जब बचाने गयी तो दबंग प्रधान के साथियों ने महिला को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस हादसे में दलित ग्रामीण की हड्डी व महिला के दांत टूट गए थे। जब बेबस कुनबा न्याय के लिए पुलिस की चौखट पर गया तो उसे भगा दिया गया। विवश पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया, जहां मामला विचाराधीन है।
.
*किसान को पीटकर कब्जाई है ज़मीन*
.
गांव में प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता ने भारी भरकम जमीन कब्जा की है। गांव निवासी बागेश पुत्र नत्थू की का खेत लेखपाल की मदद से कब्जा कर लिया, जब उसने विरोध किया तो बेरहमी से पिटाई कर उसे लहूलुहान कर दिया गया। उसकी भूमि पर प्रधान ने अपना गोदाम बनवा दिया। पीड़ित की कहीं सुनवाई नही हुई। आखिरकार उसे अपना खेत छोड़ना पड़ा।
.
*सरैयां की महिलाएं भी नहीं है महफूज!*
.
सरैंया में प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता की हुकूमत इस तरहं चलती है कि वह किसी के भी घर मे घुसकर महिलाओं को अपना शिकार बना ले, कोई उसके खिलाफ जुबान नही खोलता। गांव के संजय, पिंटू ने बताया कि प्रधान उसके घर मे घुसकर महिलाओं से अचानक छेन्ड़खानी करने लगा जब विरोध किया तो दोनों को अपने साथियों की मदद से बेहरमी से मारा पीटा। पुलिस ने उसकी शिकायत तक दर्ज नही की।
.
*फर्जी वोट बनवाकर धोखधड़ी से बना था प्रधान!*
.
हरदोई। गांव के लाल बहादुर, शिव कुमार, रामआसरे, महेंद्र आदि ने बताया कि प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता इस गांव का निवासी नही है। शहर से सटा हुआ गांव होने की वजह से उसकी नजर यहां की बेशकीमती जमीन पर पड़ गयी, जिसे हथियाने के लिए उसने सरैयां के मजरा गुमानीपुरवा में पासी समाज के चौधी पुत्र मथुरा के मकान संख्या 167 में अपना फर्जी वोट बनवा लिया। जिसके बाद उसने उक्त मकान संख्या में अपने पूरे परिवार व दोस्तों के भारी संख्या में वोट बढ़वाए। और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में अपने प्रतिद्वंद्वी के साथ धोखाधड़ी करके चुनाव जीत लिया। उसकी राजनैतिक पहुंच मजबूत होने की वजह से सच्चाई का गला घोंट दिया गया, और कोई कुछ नही कर सका। जबकि वह मूल रूप से महोलिया का निवासी है।
.
*प्रशिक्षु आईएएस के सामने भी खुली थी करतूत-*
.
बीते 14 सितंबर को प्रशिक्षु आईएएस एकता सिंह ने सरैयां गांव के सरकारी स्कूलों का विजिट किया था तो उनके सामने प्रधान की करतूत बेनकाब हुई थी। स्कूल की शिक्षिका से अश्लीलता करने व प्रधानाध्यापक से एमडीएम के बदले 20 प्रतिशत कमीशन की शिकायत की गई थी। कई ग्रामीणों ने भी प्रधान की दबंगई की शिकायत की थी। लेकिन ग्रामीणों को 03 माह बाद भी कोई राहत नही मिली।
हरदोई का ये गांव 70 साल बाद भी नहीं हुआ आज़ाद
हरदोई-* भले ही हम हर साल आजादी का जश्न मनाते हों पर देश के कई इलाकों में आज भी लोग गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक ऐसे गांव की कहानी से आज हम आपको रूबरू कराएंगे जिसकी हकीकत जान कर आपकी रूह कांप जाएगी।
हरदोई जिला मुख्यालय से महज 05 किलोमीटर ही दूरी वाले इस गांव के हालात ऐसे होंगे इसकी कल्पना भी नही की जा सकती। पर इस हकीकत से रूबरू होना जरूरी है।
सुरसा ब्लाक के सरैयां गांव में जब हमारी टीम पहुंची तो लोगों ने अपना दर्द साझा किया।
प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता ने कुछ ग्रामीणों को इस कदर पिटवाया कि आज भी वह अपने पैरों पर खड़े नही हो सके हैं। शेरू पुत्र राजेंद्र व उसके भाई नागेंद्र के घर मे घुसकर दबंग प्रधान ने अपने साथियों की मदद से बेरहमी से पीटा, जिससे दोनों आज तक ठीक नही हो सके। वह 07 माह से बिस्तर पर हैं जबकि छोटे पुत्र बृजलाल का हाँथ टूट गया। इन ग्रामीणों का गुनाह सिर्फ इतना थ कि प्रधान को अपनी घर की महिलाओं के पास जाने से रोक रहे थे।
.
*दलित को खंभे में बांधकर सरेआम पीटा था*
.
प्रधान की दबंगई का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वह जब जिसे चाहता है बेरहमी से पीट देता है। दलित शिवकुमार व वीरेंद्र पुत्र प्रह्लाद को दबंग प्रधान ने पूरे गांव के सामने खम्भे में बांधकर बुरी तरहं से पीटा था। वीरेंद्र की गर्भवती पत्नी जब बचाने गयी तो दबंग प्रधान के साथियों ने महिला को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस हादसे में दलित ग्रामीण की हड्डी व महिला के दांत टूट गए थे। जब बेबस कुनबा न्याय के लिए पुलिस की चौखट पर गया तो उसे भगा दिया गया। विवश पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया, जहां मामला विचाराधीन है।
.
*किसान को पीटकर कब्जाई है ज़मीन*
.
गांव में प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता ने भारी भरकम जमीन कब्जा की है। गांव निवासी बागेश पुत्र नत्थू की का खेत लेखपाल की मदद से कब्जा कर लिया, जब उसने विरोध किया तो बेरहमी से पिटाई कर उसे लहूलुहान कर दिया गया। उसकी भूमि पर प्रधान ने अपना गोदाम बनवा दिया। पीड़ित की कहीं सुनवाई नही हुई। आखिरकार उसे अपना खेत छोड़ना पड़ा।
.
*सरैयां की महिलाएं भी नहीं है महफूज!*
.
सरैंया में प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता की हुकूमत इस तरहं चलती है कि वह किसी के भी घर मे घुसकर महिलाओं को अपना शिकार बना ले, कोई उसके खिलाफ जुबान नही खोलता। गांव के संजय, पिंटू ने बताया कि प्रधान उसके घर मे घुसकर महिलाओं से अचानक छेन्ड़खानी करने लगा जब विरोध किया तो दोनों को अपने साथियों की मदद से बेहरमी से मारा पीटा। पुलिस ने उसकी शिकायत तक दर्ज नही की।
.
*फर्जी वोट बनवाकर धोखधड़ी से बना था प्रधान!*
.
हरदोई। गांव के लाल बहादुर, शिव कुमार, रामआसरे, महेंद्र आदि ने बताया कि प्रधान सर्वेंद्र गुप्ता इस गांव का निवासी नही है। शहर से सटा हुआ गांव होने की वजह से उसकी नजर यहां की बेशकीमती जमीन पर पड़ गयी, जिसे हथियाने के लिए उसने सरैयां के मजरा गुमानीपुरवा में पासी समाज के चौधी पुत्र मथुरा के मकान संख्या 167 में अपना फर्जी वोट बनवा लिया। जिसके बाद उसने उक्त मकान संख्या में अपने पूरे परिवार व दोस्तों के भारी संख्या में वोट बढ़वाए। और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में अपने प्रतिद्वंद्वी के साथ धोखाधड़ी करके चुनाव जीत लिया। उसकी राजनैतिक पहुंच मजबूत होने की वजह से सच्चाई का गला घोंट दिया गया, और कोई कुछ नही कर सका। जबकि वह मूल रूप से महोलिया का निवासी है।
.
*प्रशिक्षु आईएएस के सामने भी खुली थी करतूत-*
.
बीते 14 सितंबर को प्रशिक्षु आईएएस एकता सिंह ने सरैयां गांव के सरकारी स्कूलों का विजिट किया था तो उनके सामने प्रधान की करतूत बेनकाब हुई थी। स्कूल की शिक्षिका से अश्लीलता करने व प्रधानाध्यापक से एमडीएम के बदले 20 प्रतिशत कमीशन की शिकायत की गई थी। कई ग्रामीणों ने भी प्रधान की दबंगई की शिकायत की थी। लेकिन ग्रामीणों को 03 माह बाद भी कोई राहत नही मिली।
No comments