शिया पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस (एनएसएस डे) मनाया गया
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आज, 24 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस (24 सितंबर) पर शिया पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस (एनएसएस डे) मनाया गया। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य एवं चरित्र निर्माण पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एनएसएस कोऑर्डिनेटर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार ने 24 सितंबर को ही एनएसएस दिवस क्यों मनाया जाता है के बारे में बताया साथ ही आपने विद्यार्थियों से एनएसएस ज्वाइन करने को भी कहा।
प्रो एस एस आर बाकरी* प्राचार्य शिया पीजी कॉलेज ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की शुरुआत 1969 में महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर हुई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास सामुदायिक सेवा के माध्यम से करना और उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना है।प्रोफेसर भुवन भास्कर श्रीवास्तव ने कहा कि NSS की शुरुआत 37 विश्वविद्यालयों में 40,000 छात्र स्वयंसेवकों के साथ हुई थी। आज यह 40,000 से अधिक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में 32 लाख से अधिक सक्रिय सदस्यों तक पहुँच चुका है। आप ने आगे कहा
NSS का आदर्श वाक्य है – “मैं नहीं, तुम”, जो निःस्वार्थ सेवा और सामुदायिक कल्याण की भावना को दर्शाता है।
प्रोफेसर अंजुम अबरार ने कहा कि
राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज को समझने में सक्षम बनाना है सामाजिक और नागरिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है ।
प्रोफेसर प्रदीप शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रमुख गतिविधियों से अवगत कराते हुए कहा कि रक्तदान शिविरवृक्षारोपण अभियान
स्वच्छता और स्वच्छ भारत अभियान स्वास्थ्य, साक्षरता और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता रैली आपदा राहत और पुनर्वास सहयोग करना स्वयं सेवकों को सिखाया जाता है ।
प्रोफेसर आग़ा परवेज़ मसीह ने कहा कि व्यक्तित्व विकास: नेतृत्व, आत्मविश्वास और संवाद कौशल में सुधार। शैक्षणिक लाभ NSS स्वयंसेवकों को अकादमिक अंकों में 5% अतिरिक्त अंक प्रदान किए जाते हैं (UGC मानदंड अनुसार)।
सामाजिक मान्यता: NSS से प्राप्त प्रमाणपत्र करियर अवसरों में सहायक। रोज़गार में लाभ: सामुदायिक सेवा अनुभव वाले विद्यार्थियों को नियोक्ताओं द्वारा प्राथमिकता।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ वहीद आलम ने विद्यार्थियों को एनएसएस के उद्देश्य बताते हुए कहा कि एनएसएस के माध्यम से छात्रों में
राष्ट्रीय चेतना का विकास, सामाजिक सेवा के प्रति रुचि, व्यक्तित्व विकास, लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी इत्यादि भाव पैदा करना है। अतः एनएसएस केवल एक सेवा कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह छात्रों को आदर्श, जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
प्रोग्राम ऑफिसर डॉ सुधाकर वर्मा ने एनएसएस सार्टिफिकेट प्राप्त होने पर लाभ क्या है उसके बारे में बताया।
उक्त संगोष्ठी में निम्न छात्रों ने भी अपने विचार प्रकट किए ...
शिवानी, आदिति पांडे, रश्मी, शिवांग
अनामिका ने कविता पाठ किया।
मंच का संचालन डॉ सुधाकर वर्मा जी ने किया।
उक्त संगोष्ठी में वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अंजुम अबरार, साइंस फैकल्टी इंचार्ज प्रोफेसर टी एस नकवी, पूर्व रासायन विज्ञान विभाग प्रोफेसर जे पी सिंह, एस सी डी आर सी निदेशक प्रोफेसर प्रदीप शर्मा,रासयन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आगा मंसूर, भौतिक विज्ञान विभाग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भुवन भास्कर , जन्तु विज्ञान विभाग से प्रोफेसर कैप्टन आगा परवेज़ मसीह, प्रोफेसर सादिक अब्बास , डॉ फैज प्रोग्राम ऑफिसर डा0 नगीना बानो, कार्यक्रम अधिकारी डॉ मीसम मुबारक पूर्व प्रोग्राम ऑफिसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सरवत तकी, मैनेजमेंट कमेटी के वरिष्ठ सदस्य डा0 एस एस एच तकवीं , डॉ एस अहमद काजमी ,एवं एनएसएस सहायक श्री अजीत सिंह एवं भारी संख्या में एनएसएस के छात्र,छात्राएं उपस्थित रहे।





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