ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ को बी फार्मा और डी फार्मा कोर्स हेतु मान्यता मिली
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*फार्मेसी शिक्षा में नई पहचान की ओर बढ़ा विश्वविद्यालय*
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा
विश्वविद्यालय, लखनऊ को शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) से B.Pharm (बैचलर ऑफ फार्मेसी) और D.Pharm (डिप्लोमा इन फार्मेसी) पाठ्यक्रमों की मान्यता प्राप्त हो गई है। यह मान्यता विश्वविद्यालय की अकादमिक साख के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के B.Pharm और D.Pharm कोर्स को 2025–26 के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्रदान की गई है। यह मान्यता इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित फार्मेसी पाठ्यक्रम PCI द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं।
D.Pharm कोर्स को फार्मेसी एक्ट की धारा 12 के तहत स्वीकृति मिली है, जिससे पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। इससे छात्रों के लिए फार्मेसी क्षेत्र में विविध करियर अवसर खुलेंगे।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, *“यह मान्यता विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारा उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम संचालित करना नहीं, बल्कि उद्योग-उन्मुख, गुणवत्तापरक और छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रदान करना है, जिससे हमारे छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में सफल हो सकें।”*
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फार्मेसी संकाय की डीन प्रो. चन्दना डे ने कहा, *“यह मान्यता हमारे विद्यार्थियों को शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्ध कराएगी। यह हमारे शिक्षण की गुणवत्ता को भी प्रमाणित करती है।”*
संस्थान की निदेशक प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने कहा, *“यह सफलता हमारे कुलपति प्रो. अजय तनेजा के कुशल नेतृत्व, शिक्षकों की निष्ठा और स्टाफ की सतत मेहनत का परिणाम है। हमने यह सुनिश्चित किया कि हमारे फार्मेसी कोर्स हर स्तर पर PCI की कसौटियों पर खरे उतरें।”*
यह मान्यता न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त आधार भी प्रदान करेगी ।
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