♦️👉 लखनऊ :- राम मंदिर के नाम पर बनी सूबे की सरकार में मुख्यमंत्री के आवास के समीप आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है : गोमतेश्वर महादेव मंदिर
♦️👉 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से मात्र तीन किलो मीटर की दूरी पर पक्का पुल के समीप गोमती नदी के किनारे स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन काल के समय का बना हुआ है। देश में प्रदेश में पता नही अब तक कितनी सरकारें आईं और चली गई लेकिन आज तक गोमती नदी के तट पर बना यह प्राचीन काल का मंदिर आज भी मूलभूत सुविधाओं से पूर्ण रूप से वंचित हैं। पिछली सरकारें और तत्कालीन सरकार मंदिरों के नाम पर आम जनमानस से खूब वोट लिए लेकिन फिर भी आज उत्तर प्रदेश के अलग अलग शहरों में मंदिरो के आलत जर्जर है। एक ऐसी ही कहानी गोमती नदी के समीप बने गोमतेश्वर महादेव मंदिर की है। गोमतेश्वर महादेव मंदिर के हालात जर्जर देखकर गोमतेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों ,सेवादारों तथा ने मिलकर क्षेत्रवासियों के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया।
♦️👉 गोमतेश्वर महादेव मंदिर के सेवादार एवं पदाधिकारियों को बहुत से अराजक तत्वों का सामना भी करना पड़ा। मंदिर को बनने से कभी विदेशी छात्रों द्वारा रोका गया। तो कभी लखनऊ में रिवर फ्रंट के कार्य के चलते मंदिर को ध्वस्त करने का प्रयास किया गया लेकिन मंदिर के सेवादारों , पदाधिकारियों एवं जनता के द्वारा मंदिर को दस्त होने से रोका गया, मंदिर में होने बाली चोरिओ को रोकने के लिए कई बार चोरों को भी पकड़ा गया, और पुलिस के हवाले किया गया। गोमतेश्वर मंदिर ट्रस्ट के द्वारा मंदिर निर्माण कार्य के लिए पदाधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को मुख्यमंत्री को राज्यपाल एवं क्षेत्रीय विधायक आदि लोगों को पत्र लिखा गया लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। कोई सुनवाई नहीं होने पर मंदिर के पदाधिकारियों का मन आहत हुआ। लेकिन सेवादारों ने अपने मनोबल को ना गिरने दिया और मंदिर का निर्माण कार्य लगातार कराते रहे। लेकिन विगत कुछ समय से मंदिर की हालात , सीढ़िया , खराब होने की वजह से श्रावण मास में आए हुए श्रद्धालुओं को अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई श्रद्धालु तो मंदिर में दर्शन करने के लिए जब आए तो बह फिसल गए एवम् गिर कर चोट भी लग गई। जिसकी वजह से श्रद्धालु मंदिर आने से कतराने लगे हैं।
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)

No comments