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Inspiring : उनका जो फर्ज है वो अहले सियासत जानें मेरा पैगाम मोहब्बत है जहां तक पहुंचे

HTN Live 


इंसानियत किसे कहते हैं यह पुराने लखनऊ वालो से आज भी सिखा जा सकता है जो आज की तारीख में हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतिक बनें हुऐं है यही है लखनऊ की तहजीब और तमीज जनाब जब इस करोना काल आपने साथ छोड़ देते तब अगर कोई काम आता है तो सिर्फ इंसानियत जो की  शियत को मानने वाले कभी कभी नहीं छोड़ सकते हैं इसकी ताजा मिसाल है कल सुबह की ह्रदयविदर्क घटना जो शायद नाते और रिश्तेदारों से आपको दूर कर दे ।

रिपोर्ट मोहम्मद जीओ

क़ाबिले एहराम हैं गोला गंज मक़्बरा आलिया निवासी जनाब मौलाना इमदाद इमाम रिज़वी साहब जनाब फ़ैज़ साहब जनाब काशिफ साहब जनाब फैजी साहब और उनकी पूरी टीम
जो इस कोरोना काल में सर पे कफन बांध के उस मक़ाम पे लोगों की मदद के लिए हाज़िर हैं जहां पे मरने वालों के सगे रिश्तेदार भी उनका साथ छोड़ दे रहे हैं

आज सुबह लखनऊ में किंग जार्ज मेडिकल कालेज में सुरेश छाबड़ा जी की कोविड 19 से डेथ हो गई 
उनकी पत्नी और छोटी सी बेटी के अलावा कोई भी क़रीब नहीं आ रहा था
पत्नी बहुत परेशान थी रिशतेदारों को काल कर रही थीँ लेकिन सब बहाने बना के कन्नी काट रहे थे  आखीरकार किस दिन के लिए होते  रिश्ते-नाते  ?

खैर अंततः ऊपर वाले ने ज़रिया बनाया और उनको किसी माध्यम से मौलाना इमदाद इमाम साहब का नम्बर मिला
उनकी पत्नी ने इमदाद इमाम रिज़वी साहब को फोन करके मदद मांगी
मौलाना इमदाद इमाम साहब तुरंत अपनी पूरी टीम के साथ मेडिकल कालेज पहुंचे और सुरेश छाबड़ा जी की मय्यत रिलीज़ कराई और लखनऊ के गुल्लाला धाम ले जाकर हिन्दू रीति रिवाज से उनका अन्तिम संस्कार करवाया




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