हाथरस में मीडिया को मिली एंट्री, CM ने दिए निर्देश, कहा- मीडिया को न रोके
HTN Live
ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
लखनऊ : हाथरस मामले में प्रशासन ने आखिरकार मीडिया को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दे दी है। मीडिया को यह इजाजत तीसरे दिन मिली है
हाथरस मामले में प्रशासन ने आखिरकार मीडिया को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दे दी है। मीडिया को यह इजाजत तीसरे दिन मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूचना और गृह विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान ही ये निर्देश जारी किए। उन्होंने बैठक के बीच ही कहा कि हाथरस में मीडिया को जाने की इजाजत दे दी जाए।
गैंगरेप पीड़िता के गांव में परिंदा पर न मार पाए, इसके लिए पुलिस की जबर्दस्त किलेबंदी करनी पड़ी। उधर, पीड़िता के परिजनों से मिलने के लिए मीडियावाले और नेता जिद पर अड़े हुए थे। नोकझोंक और बहस का सिलसिला दो दिनों तक जारी रहा। कुछ मीडियाकर्मियों ने गांव में घुसने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया और उनके साथ धक्का मुक्की गई गई।
मीडिया ने जब सवाल किया कि आखिर किसके आदेश से रोक रहे हो? तो पुलिसवालों के पास बस इसका एक ही जवाब था- 'ऊपर से आदेश है। गांव में नहीं जाने दे सकते।'
एबीपी न्यूज की रिपोर्टर और कैमरामैन के अलावा शुक्रवार को हाथरस में पीड़िता के गांव में ग्राउंड रिपोर्ट के लिए मौजूद आजतक संवाददाता चित्रा त्रिपाठी के साथ भी कुछ अधिकारियों ने धमकाया और बदसलूकी की।
सुबह एडीएम से मीडियावालों ने सवाल किए तो, वह भाग खड़े हुए। उधर, आज पुलिस के साथ धक्कामुक्की में टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी गिर पड़े। अब सवाल उठता है कि आखिर हाथरस की इस किलेबंदी की वजह क्या थी? सरकार गांव में मीडिया के जाने से इतना क्यों डर रही थी? इन सवालों पर आला अफसर मौन हैं।

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