पुस्तक मेला समितियों की आंनलाइन प्रतियोगिताएं तस्वीरों में बच्चों ने रचा किसान व सैनिकों को महिलाओं ने काव्य में स्मरण किया गांधी और शास्त्री को
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ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
लखनऊ, 5अक्टूबर। देश प्रेम से ओतप्रोत बच्चो ने देशभक्ति गीतो की श्रंखला प्रस्तुत की।राष्ट्रीय पुस्तक मेला समिति और लखनऊ पुस्तक मेला समिति की ओर से संयुक्त रूप से आज
ऑनलाइन गूगल मीट पर 42 प्रतिभागियो ने देशभक्ति गीतो के साथ अपनी प्रस्तुती दी ।
ज्योती किरन रतन के संचालन मे चले कार्यक्रम की शुरुआत
बाराबंकि की एमान जावेद ने वन्दे मातरम् गीत से की।
आकर्ष तिवारी ने संदेशे आते है।
प्रणय तिवारी ने हम रहे ना रहे देश रहना चाहिये ।
आंशिक सिंह ने मिट्टी मे मिल जावा।ऐशवर्या हर्नूर ने मेरा मुल्क मेरा देश ।
आर्या सिंह ,रक्षिता रंजन आदित्य सज्जू , श्रेया सक्सेना ,,
प्रिया सिंह ,प्रभाती पांडेय ,आन्या मदार,आरना वर्मा ,आवनित चावला यशश्वी पोरवाल ;तेजश्वी पोरवाल,नन्हा मिन्ना राही हूँ,आदि कात्यायन,,मेहर अल्मनी ,
ने दे दी हमे आजादी बिना खड्ग बिना ढाल , मेरा कर्म मेरा धर्म;सुनो गौर से दुनिया वालो जैसे गीतो से ऑनलाइन देश भक्ति की धारा को बुलंद किया।
ऐसे कार्यक्रम का उददेश्य बच्चो मे देश को और जानें समझे और देश दिल मे हमेशा रहना चाहिये इस भावना से किया जाता है।

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