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Varanasi : भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर डी०एल०डब्ल्यू० मजदूर संघ ने आज डीरेका कारखाना के पूर्वी गेट के सामने किया गया जोरदार विरोध प्रदर्शन

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वाराणसी :-भारत सरकार / रेल मंत्रालय द्वारा किए जा रहे निजीकरण एवं निगमीकरण के माध्यम से 12 कलस्टर, 129 रूटों की 151 ट्रेनो को प्राईवेट ट्रेन आपरेटरों को सौपने के लिए "Request for qualification" हेतु किए जा रहे निविदा के विरोध मे  पूरे देश में "संघर्ष दिवस" के रूप मे मनाया जा रहा है।



सैकड़ों कार्यकर्ताओं और डीरेका कर्मियों ने प्रस्तावित निजीकरण/ निगमीकरण के विरोध में जोरदार ढंग से विरोध प्रर्दशन एवं सरकार के निजीकरण नितियों के बिरोध आवाज बुलंद की इस कार्यक्रम का नेतृत्व कार्यकारी अध्यक्ष राधा बल्लभ ने किया और  कहा कि भारत सरकार की निजीकरण की नीति लाकर  देश के सभी सरकारी सेक्टर को बड़े बड़े उद्योगपति के हाथों में सौंपने का जो खेल खेल रही उससे देश के गरीब आदमियों  बर्बाद  करके रख देगी, और इससे देश में वेरोजगारी बढ़ती जाएगी जो देश हित में सही नहीं है। सरकार को तत्काल अपने इस निर्णय को वापस लेना चाहिए । सहायक महामंत्री नवीन सिन्हा ने कहा कि यह सरकार जबसे सत्ता में आई है तभी से सरकारी संस्थाओं पर अपनी कुदृष्टि का शिकार बनाती जा रही देश के अंदर एक भी सरकारी उद्योगों को स्थापित नहीं किया और जो सरकारी सेक्टर हैं उन्हें आधुनिकीकरण के नाम पर निजीकरण करने जा रही है जबकि देश के अंदर वेरोगारी बढ़ती जा रही है। जिसके कारण देश का ग्रोथरेट गिरता जा रहा है । जिससे  देश का भी बड़ा नुकसान हो रहा । उक्त विरोध कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री राकेश पाण्डेय,  सहायक महामंत्री सह कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा, नरेन्द्र कुमार मिश्र उप महामंत्री भारतीय रेलवे मजदूर संघ  कमलेश चंद पांडेय संगठन मंत्री ,पूर्व संयुक्त सचिव वी डी दुबे, सतीश चन्द्र पाठक,  मनोज कुमार शर्मा, सुमित अग्रहरि सुरेश सिन्हा , राजेन्द्र सिंह विष्ट , विरेन्द्र कुमार वर्मा , पूरन सिंह ,के ०के०पाठक ,अश्विनी यादव, शशि भूषण, श्याम मोहन, देवता नंद, मोनू सिंह, राम सिंह, जयप्रकाश, रंग बहादुर यादव, मृत्युंजय कुमार सिंह, देवेन्द्र कुमार, अरविंद कुमार तिवारी,मोनू सिंह,सुरेश सिन्हा आदि ने भी सरकार की मजदूर विरोधी और रेल विरोधी नीतियों की जोरदार विरोध किया।


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