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पूर्वान्चल विधुत वितरण निगम के जानपद( सिविल)के भ्रष्टाचार के विरुद्ध डिस्कॉम से बुलन्द हुई आवाज MD गोविन्दराजू खमोश

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वाराणसी 3 फरवरी लगातार 10 माह से पूर्वान्चल विद्युत वितरण निगम के सिविल के मुखिया एकरूप दो स्वरूप वाले मुखिया यानी कि भ्रष्टाचारी के एम राव एवं उनके भ्रष्टाचार के कारोबार को बखूबी संचालित करने वाले EE वेदप्रकाश कौशल के भ्रष्टाचार की कहानी राष्ट्रीय हिन्दी समाचार पत्रो , पत्रिकाओ , सोशल मीडिया प्रकाशित होने एवं दर्जनो शिकायती पत्र विभगीय ठेकेदारों द्वारा उ प्र सरकार सहित शक्तिभवन के आलाधिकारियों को लिखने पर कोई कार्यवाही विभाग द्वारा न किये जाने और हर शिकायतो मे स्थानीय डिस्कॉम प्रसासन द्वारा के एम राव की पूरी भ्रष्टाचारी सेना को संरक्षण देना यह प्रमाणित करता है कि सिविल के मुखिया अपनी सेना के साथ खुलेआम डिस्कॉम लूट , गबन जैसी गम्भीर घटनाओं को अंजाम देते रहे इनको डिस्कॉम के आलाधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है
*अनुरक्षण के नामपर 40-45 लाख प्रतिवर्ष घोटाले  पर विभाग मे उठी आवाज*
सिविल द्वारा विभाग को लगातार सामानों की खरीद, निर्माण कार्य, अनुरक्षण कार्य, स्क्रेप घोटाला, जैसे दर्जनो घोटाले पर सुर्खिया बटोरने वाले सिविल के विरुद्ध उ प्र बिजली मजदूर संगठन ने जानपद (सिविल) 40-45 लाख कालोनी के आवास अनुरक्षण के नाम पर घोटाले का आरोप लगाते हुए  आवास आवंटन की आड़ मे मोटी मलाई यानी अनुचित धन उगाही का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत प्रदेश के ऊर्जामंत्री और PUVVNL के अवैध रूप से नियुक्त  प्रबंधनिदेशक को की गई पर डिस्कॉम मे मौजूद भ्रष्टाचारियों के कारोबार को विधिवत संचालित एवं संरक्षण देने वाले अधिकारियों ने सम्पूर्ण जाँच मुख्यभियन्ता (प्रशासन) को सौप दी गई और आकड़ो एवं कागजो के बाजीगरों ने पुरानी परम्परा के अनुसार जाँच को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने मे कोई कोर कसर नही छोड़ी जनाब जानपद खण्ड के साथ जाँच साझा कर चाँदी के जूते से अपना मुंह सूजा कर लीपापोती कर दी गई मजे की बात है कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी निवास  जर्जर बने हुए  है 40-45 लाख का खुलेआम बन्दरबाट हो रहा है पर किसी को परवाह नही है क्यो की डिस्कॉम के मुखिया से ले कर कई डायरेक्टरों के कार्यालय से ले कर आवास तक  अनुरक्षण के नाम पर शासन के आदेशो की धज्जिया उड़ाते हुए फालसीलिग बाथरूम, मार्बल टाईल्स सहित आधुनिक सुविधओं से लैस है आखिर कहा जाता है हर साल अनुरक्षण का पैसा ।
 क्या इस पैसे का बाड़ा हिस्सा शायद uppcl और डिस्कामो मे अवैध रूप से तैनात बडे बाबुओं की जेब मे जाता है! तभी तो के एम राव के भ्रष्टाचार पर कोई कार्यवाही नहीं  हुई पर बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी एक ना एक दिन तो अपने अंजाम तक पहुंच ही जायेगा खैर आगे आगे देखिए होता है क्या  खैर

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