शासन द्वारा गठित जांच कमेटी की आंच मे झुलसे खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह
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सर्वणों की सरकार में सर्वण सुरक्षित है करता
संज्ञान मे आया है कि सहायता प्राप्त विद्यालय की शासन द्वारा गठित जांच कमेटी के सदस्य श्रीमान सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) अयोध्या मण्डल अयोध्या को जनपद गोण्डा के सहायता प्राप्त (28) विद्यालय मे नियुक्त फर्जी शिक्षको की जांच प्रभावित करने के लिए विभाग के दलाल द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के ऊपर दबाव बनाया जा रहा था, चूंकि श्री रवीन्द्र सिंह सहायक शिक्षा निदेशक अयोध्या मण्डल अयोध्या व खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के मधुर संबंध है। परन्तु अश्वनी प्रताप सिंह ने जांच प्रकरण मे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
दण्ड स्वरूप खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह को पहले ब्लॉक से हटाया गया, फिर साजिश के तहत खण्ड शिक्षा अधिकारियो की मीटिंग विकास भवन कार्यालय मे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा महोदय द्वारा बुलाई गई, क्योंकि विकास भवन कार्यालय मे सीसीटीवी कैमरे नही लगे है, मीटिंग हमेशा पन्त नगर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा कार्यालय मे ही बुलाई जाती है, विकास भवन कार्यालय के कर्मचारियों व मीटिंग मे उपस्थित खण्ड शिक्षा अधिकारियो द्वारा दबी जुबान से चर्चा है कि सब लोग कार्यालय के बाहर छत पर बैठे थे कार्यालय मे कोई नही गया था,। सिर्फ अश्वनी प्रताप सिंह को साजिश के तहत फसाया गया कि अश्वनी प्रताप सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा की कुर्सी पर थूका। ऐसा मीटिंग मे उपस्थित खण्ड शिक्षा अधिकारियों व विकास भवन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा चर्चाएं की जा रही है।
गोण्डा मे सहायता प्राप्त विद्यालय दलाल व भ्रष्ट अधिकारियो के लिए हरा 🌳भरा चारागाह है, यहाँ जांच अधिकारी व शिकायतकर्ता सुरक्षित नही है, इसी क्रम मे जांच अधिकारी रवींद्र सिंह सहायक शिक्षा निदेशक के ऊपर विभाग के दलाल द्वारा फर्जी मुकदमा कटरा थाना गोण्डा मे दर्ज कराया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा कार्यालय को भ्रष्टाचार के दलदल मे डुबोने वाले दलाल के ऊपर वर्ष 2008 मे तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा० अमरकांत सिंह द्वारा कार्यवाही किये जाने से दलाल के पालतू चमचों द्वारा डा० अमरकांत सिंह के विरूद्ध भी फर्जी शिकायत की गई थी।
अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी गोण्डा अश्वनी प्रताप सिंह व रवींद्र सिंह सहायक शिक्षा निदेशक को कार्यालय के कर्मचारियों की दबी जुबान फर्जी फसाये जाने के चर्चा की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
जे पी द्विवेदी
उप सपादंक
HTNलाइव न्यूज़
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संज्ञान मे आया है कि सहायता प्राप्त विद्यालय की शासन द्वारा गठित जांच कमेटी के सदस्य श्रीमान सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) अयोध्या मण्डल अयोध्या को जनपद गोण्डा के सहायता प्राप्त (28) विद्यालय मे नियुक्त फर्जी शिक्षको की जांच प्रभावित करने के लिए विभाग के दलाल द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के ऊपर दबाव बनाया जा रहा था, चूंकि श्री रवीन्द्र सिंह सहायक शिक्षा निदेशक अयोध्या मण्डल अयोध्या व खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के मधुर संबंध है। परन्तु अश्वनी प्रताप सिंह ने जांच प्रकरण मे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
दण्ड स्वरूप खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह को पहले ब्लॉक से हटाया गया, फिर साजिश के तहत खण्ड शिक्षा अधिकारियो की मीटिंग विकास भवन कार्यालय मे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा महोदय द्वारा बुलाई गई, क्योंकि विकास भवन कार्यालय मे सीसीटीवी कैमरे नही लगे है, मीटिंग हमेशा पन्त नगर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा कार्यालय मे ही बुलाई जाती है, विकास भवन कार्यालय के कर्मचारियों व मीटिंग मे उपस्थित खण्ड शिक्षा अधिकारियो द्वारा दबी जुबान से चर्चा है कि सब लोग कार्यालय के बाहर छत पर बैठे थे कार्यालय मे कोई नही गया था,। सिर्फ अश्वनी प्रताप सिंह को साजिश के तहत फसाया गया कि अश्वनी प्रताप सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा की कुर्सी पर थूका। ऐसा मीटिंग मे उपस्थित खण्ड शिक्षा अधिकारियों व विकास भवन कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा चर्चाएं की जा रही है।
गोण्डा मे सहायता प्राप्त विद्यालय दलाल व भ्रष्ट अधिकारियो के लिए हरा 🌳भरा चारागाह है, यहाँ जांच अधिकारी व शिकायतकर्ता सुरक्षित नही है, इसी क्रम मे जांच अधिकारी रवींद्र सिंह सहायक शिक्षा निदेशक के ऊपर विभाग के दलाल द्वारा फर्जी मुकदमा कटरा थाना गोण्डा मे दर्ज कराया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा कार्यालय को भ्रष्टाचार के दलदल मे डुबोने वाले दलाल के ऊपर वर्ष 2008 मे तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा० अमरकांत सिंह द्वारा कार्यवाही किये जाने से दलाल के पालतू चमचों द्वारा डा० अमरकांत सिंह के विरूद्ध भी फर्जी शिकायत की गई थी।
अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी गोण्डा अश्वनी प्रताप सिंह व रवींद्र सिंह सहायक शिक्षा निदेशक को कार्यालय के कर्मचारियों की दबी जुबान फर्जी फसाये जाने के चर्चा की निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
जे पी द्विवेदी
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